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उत्कृष्ट शंका-समाधान (Utkrist Shanka Samadhan)

समाधानकर्ता - स्वामी विवेकानन्द जी परिव्राजक संपादक- डॉ. राधावल्लभ जी चौधरी पुस्तक साईज- 22 x 14 cm कुल पृष्ठ- 344 मूल्य- 65 रुपये पुस्तक विवरण- मानव मन को आंदोलित करने वाले लौकिक- पारलोकिक अनेक प्रश्नों के दार्शनिक तथा तार्किक रूप से सटीक उत्तर ।

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तत्वज्ञान (TATVGYAN)

लेखक - स्वामी विवेकानन्द जी परिव्राजक पुस्तक साईज- 22 x 14 cm कुल पृष्ठ- 88 मूल्य- 20 रूपये पुस्तक विवरण- प्रस्तुत पुस्तक में ईश्वर और आत्मा इन दो पदार्थों के यथार्थ स्वरूप को न्याय दर्शन की पंचावयव पद्धति से समझाने का प्रयास किया गया है। आर्य समाज के द्वितीय नियम को आधार बनाकर ईश्वर के गुणों की सिद्धि पंचावयवों से की गई है तथा अनेकत्र इन विषयों से सम्बन्धित भ्रान्त मान्यताओं का भी निवारण किया गया है। इन पदार्थों के यथार्थ स्वरूप को जानकर ही मनुष्य सम्पूर्ण दुःखों से छूटकर पूर्ण तथा स्थाई सुख को प्राप्त कर सकता है।

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दुःख-स्वरूप,कारण और निवारण

लेखक - स्वामी विवेकानन्द जी परिव्राजक पुस्तक साईज- 22 x 14 cm कुल पृष्ठ- 52 मूल्य- 10 रूपये पुस्तक विवरण- दुःख क्यों उत्पन्न होता है, उसका मूल कारण व उस दुःख को दूर करने का उपाय । तत्त्वज्ञान के बारे में जो भ्रमित विचार है, उसे दूर करने का उपाय बताया गया है ।

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सन्तान निर्माण (SANTAN NIRMAN)

प्रवचनकर्ता - स्वामी विवेकानन्द जी परिव्राजक संपादक- डॉ. राधावल्लभ जी चौधरी पुस्तक साईज- 11.5 x 8 cm कुल पृष्ठ- 48 मूल्य- 5 पुस्तक विवरण- लड़का यदि दुष्ट व्यसन में पड़ जाये तो उसे कैसे सुधारा जा सकता है ? बच्चों के निर्माण का विज्ञान क्या है? कब-कब कैसे शिक्षा देना चाहिए ? आदि विषयक स्पष्टीकरण ।

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दुःख-स्वरूप,कारण और निवारण (duhkh-svaroop, karan ane nivarn

लेखक - स्वामी विवेकानन्द जी परिव्राजक अनुवादक - भावेश मेरजा पुस्तक साईज - 22 x 14 cm कुल पृष्ठ- 52 मूल्य- 10 रुपये पुस्तक विवरण- दुःख क्यों उत्पन्न होता है, उसका मूल कारण व उस दुःख को दूर करने का उपाय । तत्त्वज्ञान के बारे में जो भ्रमित विचार है, उसे दूर करने का उपाय बताया गया है ।

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